Friday, April 20, 2012

Desires of the heart - Dil ki Baat.

मनाए कैसे उनको हम?
कोई हमे बतलाए...
दिल की बात उनसे ,
हम कह दे कैसे ?
कोई हमे बतलाए...




उनके बिना मेरा कोई
वजूद नही,
ये बात वो समझ न पाए ...


जानते है वो थोङी जिददी हूँ मैं ,
इसलिए शायद वो मुझे
बार -बार है अपने पास बुलाते!
हर मुकाम पर जीवन के
है मुझे आजमाते.


हैँ वो कोई और नही
बसते है वो हम सबके दिलोँ मे!


इसलिए तो ईश ने हमारे
इतने मीठे नाते है बनाए .


ये नाते ही हमसे रूठ जाए
तो भला हम कैसे जी पाए?
हाय !  कोई मुझे बतलाए.


दिल की बात कैसे कह दे ...
कोई मुझे बतलाए...

No comments:

Post a Comment