Thursday, April 26, 2012

memories are unforgettable

किसे करूँ  याद , किसे मै  भुला दूँ .........
यादो के झरोखे से मै किसे ,
दूर जाने कहूँ ......
जिक्र होगा यादो का ,
तो अच्छे और बुरे सारे 
 पलो का साया साथ लाएगे .........
और आंसुओं से फिर ,
आँचल मन का भिगो जाएगे ....
आंसू कुछ खुशियों भरे,
लम्हों को याद  कर छलक जाएगे ...
कुछ गमो  का साया साथ लाएगे,
किन आंसुओ को मै संजो लू,
और किन्हें मै बहा दूँ ........
किसे करूँ  याद .................दूर जाने कहूँ 
कभी जाकर वापस आए न वो पल,
जो गुजर जाते है लम्हों में,
वक्त के दायरे से छूटकर..........
आज ये एहसास है मुझे,
हर लम्हे में हर पल ,
सो लगता है अब ऐसे.........    
जैसे जिन्दगी को जी लूँ ,
जी भरकर हर लम्हा हर पल .....
नई  दुनिया सपनो की संजोकर ,
इन पलो में हर पल,
ख़ुशी से अपने अपनों की 
जिंदगी का भर दूँ .............
न फिर ऐसा हो कभी की ,
कहना पड़े ये मुझे,
मेरी यादो को लेकर ....
किसे करूँ याद, किसे मै भुला दूँ .........
 
 

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