Wednesday, May 16, 2012

Satyameva Jayate

" भारत एक प्रगतिशील देश " सुनने  में कभी खलता है कि प्रगतिशील क्यों है विकसित क्यों नहीं ? 

क्या इसकी सही वजह हम सच में जानते है ? या कभी हमने सच में जानने की कोशिश की है .

मुझे नहीं लगता की इस एक अरब से ज्यादा आबादी वाले भारत देश में सभी इसकी वजह को जानने 

के इच्छुक भी होंगे, हाँ पर इतना पुरे विश्वास के साथ कह सकती हूँ की जितने  अपने देश को अपने 

सपनो के भारत में बदलना चाहते है, वो सभी ये जरुर स्वीकारेगे की इसकी एक वजह देश में लड़कियों 

के प्रति हो रहा  दूजा  व्यव्हार है. इसी सच को स्वीकारते हुए कई संस्थाए कन्या भ्रूण हत्या पर रोक

 लगाने तथा उन्हें समाज में बराबरी का  दर्जा दिलाने के लिए  कार्यरत है और इसी मुद्दे को अपनी 

सशक्त शख्सियत के साथ टेलीविज़न के परदे के माध्यम से जन -जन तक पहुंचाने का कार्य कर 

रहे है आम़िर खान अपने शो  "  सत्यमेव -जयते "  के माध्यम से .

                        जब कहीं कोई सिसकन होती है वहां कही न कहीं एक मासूम हंसी ख़त्म होती है ,

फिर वो चाहे किसी प्रकार की रोक लगाकर हो या फिर किसी नव जीवन के अंश को दुनिया में आने 

से पहले ही ख़त्म करके और कही तो खुद इंसानियत शर्मसार हो जाती है किसी लड़की पर इंसानी

 हैवानियत की दहशत देखकर . जाने कब ये समाज स्त्रियों को उनका सम्मान सम्मान देगा ? 

एक तरफ पूजी जाती है बेटियां और दूसरी तरफ उन्हें केवल पूजने योग्य पत्थर की मूरत बनाकर 

बस शोभा की वस्तु बनाकर रख दिया जाता है .जब तक इस स्थिति से बाहर नहीं आएगा हमारा 

समाज तब तक शायद जाने इसी उम्मीद में जीना पड़ेगा " एक दिन आएगा जब  भारत प्रगतिशील

 नहीं बल्कि विकसित देश  कहलायेगा ".

                              इसी स्वप्न को साकार करने की कोशिश पिछले कई दशको से हो रही है कई 

social parties, NGO और governmental programs इसके लिए कार्यरत है पर चलिए इस बार एक 

कोशिश और जो की है , समाज को बदलने की उम्मीद है कि अब लोगो का रवैया कुछ बदलेगा और सिर्फ 

इन्ही मुद्दों पर नहीं बल्कि जिनसे भी हमें तकलीफ  हो देखकर की ये ऐसा क्यों है ये गलत है,उन सभी 

में बदलाव की शुरुवात हम खुद करेगे न की उसे चुपचाप होने देगे और बदलाव की शुरुवात कल पर न  छोड़कर आज से करेगे .............






जो करना हो बुलंद हौसला तो आवाज उठाना सीखो ...........

बिन आवाज के हौसले का कोई वजूद नहीं ,

हस्ती हमारी बख्सी ईश्वर ने हमे ,

उसे जो दागदार करे, ऐसे नापाक इरादों को ,

ख़त्म करे जो ...................

देखकर होता गलत उसे रोकने आगे बड़े जो 

हो सके तो ऐसी इंसानियत खुद में  जगाना सीखो...........




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