Friday, July 13, 2012

LOVE- Just a Mutual attraction



An Article by Neha Gupta

हम में से हर किसी के लिए जिन्दगी में, " कोई एक ऐसा होता है जो हमे सबसे खास लगता है , उसके साथ होने का एहसास बहुत अच्छा लगता है, उससे बाते करना अच्छा लगता है ." शायद यही प्यार है और जब आप प्यार में होते है तो सब कुछ अच्छा फील होता है.

कहने को पास था कुछ नहीं,
फिर  भी बात लम्बी चलती रही .......
आवाज तो कोई हुई नहीं,
फिर भी धुन कोई बजती रही .......
जिस दिन बात न हुई उनसे,
दिल को कमी कोई खलती रही ........
कहते है प्यार खुबसूरत है,
हर दिल की जरुरत है ........
उनके ख़यालों  से जुदा हो,
जो ऐसा कोई लम्हा नहीं ........ 
उनके बिना जो देखा हो,
ऐसा कोई सपना अपना नहीं .........
धड़कने तो है दिल में सांसे भी है,
पर धडकता था जो मुझमे,
वो दिल नहीं मेरे पास नहीं,
फिर भी सांसे मेरी चलती रही ......... 
कहने को पास था कुछ नहीं,
 
फिर  भी बात लम्बी चलती रही .......

 शायद इसे ही प्यार कहते है. पर प्यार कब , किससे  और कैसे हो जाये ये कहा नहीं जा सकता . पहला प्यार तो हर किसी को ताउम्र याद  रहता है , पर ये जरुरी नहीं की पहले प्यार की शुरुवात राईट पर्सन  राईट इन्टेंसन  के साथ हो और फिर हो जाता है ब्रेकअप ! आज कल तो ब्रेकअप कॉमन सी बात हो गयी है, ऐसा लगता है की प्यार और ब्रेकअप दोनों ही आसान हो गया है,


 क्या सच में प्यार होता है ? कितने ही ऐसे केसेस देखे होगे हमने जहा दो लोग प्यार में साथ जीने मरने की कसमे खाते है और फिर कुछ हफ्तों, महीनो में प्यार रफूचक्कर हो जाता है. तो क्या ये लोग इसलिए किसी के साथ रिलेशन बनाते है, क्योकि खुद को अकेला फील करते है या फिर इसलिए की दोस्त की गर्लफ्रेंड है तो हम पीछे क्यों रहे ? और वही  गर्ल्स भी प्रक्टिकल हो गयी है वो फील करती है की   लवर चीट कर रहा है तो वो भी अपने लवर को आसानी से डंप कर देती है. इसलिए शायद प्यार पे यकीन  करना मुश्किल होता जा रहा है. 

 एक रिलेशनशिप की शुरुवात तो वादे के साथ होती है,कहते है की " प्यार बिना सोचे समझे हो जाता है और जो सोच समझ के किया जाये वो प्यार नहीं होता है "  पर ऐसा नहीं है सिर्फ
-->Mutual attraction के बेसिस पे प्यार होता है और फिर खो जाता है , क्योकि ऐसी -->Situation में जब दो लोग जो प्यार में होते है एक दुसरे को जानना शुरू करते है तो प्यार धीरे-धीरे Go-went-Gone हो जाता है. तो  " दिल को हाथो में रखकर न घुमियेगा नाजुक है कही गिर गया तो टूट जायेगा, समझ के किसी अपने से दिल वाले को दीजियेगा जो उसे सम्भाल पायेगा. "

अच्छा है या बुरा, झूठा हो या सच्चा पर प्यार तो प्यार ही होता है चाहे जब हो, जहा हो, जिससे हो बहुत खुबसूरत एहसास है जो जब तक रहता है उन लम्हों को खुबसूरत बना जाता है !
        

     
    प्यार में हर झूठ सच्चा लगता है,
                 हमे तो हमारा प्यार ही खुदा लगता है ............



                    

  
 

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